शनिवार की शाम आईएसबीटी पंहुचा देखा तो  बदला बदला सा बस अड्डा लग रहा था.  खैर बस अड्डे का अन्दर पुह्चा तो जहा वेटिंग रूम था पूरा का पूरा वातानुकूलित था. बहुत अच्छा लग रहा था. थोड़ा बाहर आया तो उत्तराखंड बस का कंडक्टर आवाज लगा रहा थ. कोटद्वार-कोटद्वार। मैंने तुरंत भाग कर कंडक्टर से पूछा की बस मैं सीट खाली है. तो उसने कहा की अभी तो खाली है  लेकिन  थोड़ी देर मैं सीट भर जायगी से कोटद्वार की बस पकड़ कर 

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